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Mumbai news: सावधान! Whatsapp पर पुलिस अफसर के फेक अकाउंट से हो रही ठगी, पैसे मांगने की घटना आई सामने

2022-10-02 00:49:09 163

सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेतीन तलाक कानून के तहत आरोपी को अग्रिम जमानत देने पर कोई रोक नहीं: न्यायालय****** उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) कानून 2019 के तहत अपराध के आरोपी को अग्रिम जमानत देने पर कोई रोक नहीं है। न्यायालय ने हालांकि कहा कि अदालत को अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करने से पहले शिकायतकर्ता महिला का पक्ष भी सुनना होगा। गौरतलब है कि इस कानून के तहत मुस्लिमों में एक ही बार में ‘तीन तलाक’ कहकर शादी तोड़ देने की प्रथा दंडनीय अपराध के दायरे में आ गई है।शीर्ष अदालत ने कहा कि कानून के प्रावधानों के तहत पत्नी को तीन तलाक कहकर रिश्ता तोड़ देने वाले मुस्लिम पति को तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है। न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कानून की संबंधित धाराओं और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों का जिक्र किया जो व्यक्ति की गिरफ्तारी की आशंका होने पर उसे जमानत देने से जुड़े निर्देशों से संबंधित हैं।न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी भी पीठ का हिस्सा थीं। पीठ ने कहा, ‘‘उपरोक्त कारणों से, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि कानून की धारा 7(सी) तथा सीआरपीसी की धारा 438 को कायम रखते हुए इस कानून के तहत अपराध के लिए आरोपी को अग्रिम जमानत याचिका देने पर कोई रोक नहीं है, हालांकि अदालत को अग्रिम जमानत देने से पहले शिकायतकर्ता विवाहित मुस्लिम महिला की बात भी सुननी होगी।’’शीर्ष अदालत ने एक महिला के उत्पीड़न के मामले में आरोपी सास को अग्रिम जमानत देते हुए यह कहा। महिला ने पिछले वर्ष अगस्त में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी और आरोप लगाया था कि उसके पति ने उनके घर में उसे तीन बार तलाक बोला था। पीठ केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अदालत ने महिला को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।

सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेउत्तर प्रदेश में बीजेपी की पहली लिस्ट से समाजवादी पार्टी को लगेगा झटका? जानें OBCs को कितने टिकट******Highlightsसमाजवादी पार्टी की ओर से पिछड़ा विरोधी होने के लगाए जा रहे आरोपों की धार को कुंद करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को ‘मंडल’ राजनीति का एक अलग खाका पेश करते हुए 107 उम्मीदवारों की पहली सूची में सर्वाधिक प्रतिनिधित्व पिछड़ों को प्रदान किया। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विरोधी दलों के गठबंधन की काट के लिए जाट नेताओं पर भरपूर भरोसा जताया गया। सपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन किया है। केंद्रीय मंत्री व बीजेपी के उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने बीजेपी के 107 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की।सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने 16 जाट सहित 44 अन्य पिछड़ा वर्ग () के उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। पार्टी ने अगड़ी जाति के 43 और अनुसूचित जाति के 19 नेताओं को भी टिकट दिया है। उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के दौरान प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी ने एक सामान्य सीट से भी दलित को अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी द्वारा मुख्यमंत्री को अयोध्या से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी लेकिन पार्टी ने उन्हें गोरखपुर से चुनाव मैदान में उतार दिया। पार्टी के इस फैसले को आगामी चुनाव को ‘मंडल बनाम कमंडल’ बनाने की विरोधी दलों की कोशिशों से बीजेपी की सावधानी बरतने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा जितने भी बीजेपी के नेता पिछले दिनों पार्टी छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं, लगभग सभी ने सत्ताधारी दल को पिछड़ा व दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है। बड़ी संख्या में बीजेपी विधायकों के पार्टी छोड़ने और समाजवादी पार्टी में शामिल होने के सवाल पर प्रधान ने कहा कि उनकी पार्टी बड़ी है और लोग आते-जाते रहते हैं लेकिन में मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता, केंद्र व राज्य सरकार का प्रदर्शन और उनके द्वारा गरीबों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं हैं।यह पूछे जाने पर कि पार्टी ने किस जाति के कितने नेताओं को टिकट दिया है, इसके जवाब में प्रधान ने कहा कि यदि आप सूची पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि यह सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 5 वर्षों में योगी आदित्यनाथ ने राज्य को कल्याणकारी, सर्वस्पर्शी और संवेदनशील सरकार दी है, उन्होंने राज्य को भ्रष्टाचार और दंगामुक्त किया है। उन्होंने चुनावों में बीजेपी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने और 300 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया। पहले दो चरणों में जिन इलाकों में मतदान होना है, वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट बाहुल्य वाला इलाका है।केंद्र सरकार के 3 विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ साल भर से अधिक समय तक चले आंदोलन में इस क्षेत्र के जाटों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी ने जाट समुदाय के 16 किसानों को भी टिकट दिया है। ऐसा करके पार्टी ने भरोसा जताया है कि उसे जाटों का वोट मिलेगा। बीजेपी द्वारा बड़ी संख्या में जाटों को टिकट दिए जाने के पीछे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा और RLD गठबंधन द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिमों को उम्मीदवार बनाया जाना माना जा रहा है। बीजेपी ने अपनी पहली सूची में एक भी मुसलमान को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है।बीजेपी की पहली सूची में गुर्जर समुदाय से 7, लोध समाज से 6 और सैनी समाज से 5 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। पार्टी ने अन्य पिछड़े वर्ग के अन्य नेताओं को भी टिकट दिया है। बीजेपी की पहली सूची में 19 दलितों को टिकट दिया है और इनमें से 13 जाटव हैं। राज्य की पूरी दलित आबादी में आधी आबादी जाटवों की है, जो लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी को एक बड़ा वोट बैंक रहा है। इतनी संख्या में जाटवों को बीजेपी द्वारा टिकट दिए जाने को बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की उसकी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।ज्ञात हो कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कभी बसपा बड़ी संख्या में सीटें जीतती थी। पार्टी ने जिन 43 सीटों पर सामान्य जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया है, बीजेपी सूत्रों के मुताबिक उनमें 18 राजपूत, 10 ब्राह्मण और 8 वैश्य समुदाय से हैं। उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में मतदान होना है। इसकी शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी। दूसरे चरण में 14 फरवरी को राज्य की 55 सीटों पर मतदान होगा।उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीसरे चरण में 59 सीटों पर, 23 फरवरी को चौथे चरण में 60 सीटों पर, 27 फरवरी को पांचवें चरण में 60 सीटों पर, 3 मार्च को छठे चरण में 57 सीटों पर और 7 मार्च को सातवें चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा। गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अकेले 312 और उसके सहयोगियों को 13 सीटों पर जीत मिली थी। सत्ता गंवाकर प्रमुख विपक्षी दल बनी समाजवादी पार्टी सिर्फ 47 सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी।सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेभारत में FDI का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बना अमेरिका, मॉरीशस तीसरे स्थान पर******भारत में FDI का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बना अमेरिका, मॉरीशस तीसरे स्थान परनयी दिल्ली: अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) का दूसरा प्रमुख स्रोत हो गया है और उसने मॉरीशस को तीसरे स्थान पर धकेल दिया है। सिंगापुर प्रथम स्थान पर बना हुआ है। उद्योग एवं आतंरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020-21 में अमेरिका से भारत को 13.82 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ।इस दौरान सिंगापुर से प्राप्त एफडीआई 17.41 अरब डॉलर रहा। वर्ष के दौरान मॉरीशस से 5.64 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से (4.2 अरब डॉलर), केमैन आइलैंड (2.79 अरब), नीदरलैंड (2.78 अरब), ब्रिटेन (2.04 अरब), जापान (1.95 अरब डॉलर), जर्मनी (66.7 करोड़ डॉलर) और साइप्रस से 38.6 करोड़ डॉलर का एडीआई आया।सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 के दौरान भारत में एफडीआई 19 प्रतिशत बढ़कर 59.64 अरब डॉलर के बराबर रहा। सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस दौरान कई नीतिगत सुधार , निवेश की सुविधा तथा कारोबार में और आसानी के लिए कई कदम उठाये हैं।यदि इसमें पहले के एफडीआई निवेशकों द्वारा पूंजी और लाभ के पुनर्निवेश को जोड़ दे तो वर्ष 2020-21 में कुल एफडीआई 81.72 अरब डॉलर के बराबर रहा जोकि 2019-20 के 74.39 अरब डॉलर से दस प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंप्यूटर, सॉफ्टेयर और हार्डवयर क्षेत्र 26.14 अरब डॉलर के निवेश के साथ एफडीआई आकर्षित करने के मामले में सबसे ऊपर रहा। उसके बाद बुनियाद ढांचा (7.87 अरब डॉलर) और सेवा क्षेत्र (पांच अरब डॉलर) का स्थान रहा।

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सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेUP News: यूपी के मदरसा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी, अब हाईटेक तरीके से होगी उनकी पढ़ाई******Highlightsउत्तर प्रदेश के मदरसा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। राज्य के अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्र-छात्राएं अब मोबाइल ऐप (Mobile App) से भी पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए मदरसा ई-लर्निंग ऐप (Madrasa E-Learning App) लॉन्च किया गया है। इस मोबाइल एप्लीकेशन काअल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने लोकार्पण किया।ऐसे में मदरसे में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स पढ़ाई के परंपरागत तरीके के अलावा मोबाइल एप्लीकेशन की सहायता से भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। इस ऐप का मकसद बच्चों को पढ़ाई के लिए सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही हर किसी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है, खासकर उन्हें जो अभावग्रस्त हैं।इस मौके पर राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। अब हुजूर के बेटे ही हुजूर नहीं बनेंगे, बल्कि मजदूर के बेटे भी हुजूर बनेंगे। उन्होंने कहा कि वक्फ सम्पत्तियों पर जो अवैध कब्जे हैं, जल्द ही उन्हें मुक्त करवाकर उनकी जमीनों पर आईएएस, पीसीएस की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के सेंटर खोले जाएंगे।समाज कल्याण निदेशालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार जगमोहन सिंह ने जानकारी दी कि इस मदरसा-ई-लर्निंग ऐप से लाइव क्लास का संचालन होगा। साथ ही इस ऐप पर पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध रहेगी। ऐप की मदद से मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन, रजिस्ट्रार व मदरसा प्रबंधकों को एक प्लेटफार्म पर लाया जा सकेगा।इस ऐप पर किताबें पीडीएफ फाइल में उपलब्ध रहेंगी, जिन्हें डाउनलोड कर पढ़ा जा सकता है। इस ऐप में रात्रिकालीन कक्षाओं का भी प्रावधान किया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और अन्य युद्धों के वीर सेनानियों की शौर्यगाथाएं भी मदरसा पाठ्यक्रम में शामिल की जानी चाहिए।इस अवसर पर वर्ष 2020-21 सत्र की मदरसा परीक्षा में अव्वल आए कुल 40 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। इनमें से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये की राशि व टेबलेट और प्रमाणपत्र दिए गए। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी आदि विषयों में सबसे अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को 50 हजार की राशि के चेक व टेबलेट दिए गए।सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेआम्रपाली के 9,500 फ्लैटों की बुकिंग होगी रद्द, न्यायालय ने शुरू की प्रक्रिया******आम्रपाली के बिना दावे वाले 9,500 फ्लैटों की बुकिंग होगी रद्द, न्यायालय ने शुरू की प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय ने के उन 9,500 से अधिक फ्लैटों की बुकिंग रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन पर कोई दावा नहीं किया गया है या जिन्हें फर्जी व्यक्तियों के नाम पर बुक किया गया है या जो बेनामी संपत्ति हैं। इससे अटकी परियोजनाओं के वित्तपोषण में मदद मिलेगी।उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह निर्देश देगा कि 9,538 खरीदारों को अपना पंजीकरण अपडेट करने और भुगतान करने के लिए 15 दिन का नोटिस जारी किया जाए, ऐसा नहीं करने पर इन इकाइयों को बिना बिका (अनसोल्ड) माना जाएगा और उनकी नीलामी की जाएगी। घर खरीदारों की ओर से पेश हुए वकील एम एल लाहोटी ने कहा कि घर खरीदारों ने पहले दिए गए एक नोट में कहा था कि ना बिके फ्लैट और फर्जी नामों पर बुक किए गए फ्लैट, जिनकी फॉरेंसिक ऑडिट में पहचान की गई है, उन्हें लंबित परियोजनाओं के लिए वित्त जुटाने की खातिर दोबारा बेचने की जरूरत है।पढ़ें-पढ़ें-इसके बाद न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि वह इस विषय पर एक आदेश पारित करेगी। यह आदेश अभी तक उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है। पीठ ने लाहोटी की दलील से सहमति जताते हुए कहा कि इस तरह के खरीदारों को अंतिम नोटिस भेजे जाएंगे और उनसे पंजीकरण कराने तथा भुगतान योजना के अनुरूप सभी बकाये का भुगतान करने को कहा जाएगा, ऐसा ना होने पर उनकी संपत्ति को ना बिका हुआ माना जाएगा और उनकी बुकिंग रद्द कर दी जाएगी।पढ़ें-पढ़ें-सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेRailway Budget जानिए क्या हुई बड़ी घोषणाएं******Railway budget 2021 indian railways rail budget 2021 in hindi वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को रेलवे के लिए बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट 2021 में रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा की, जिसमें से 1.07 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे मालगाड़ियों के अलग गलियारों के चालू होने के बाद उनका मौद्रिकरण करेगी। सीतारमण ने पेश करते हुए कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान देशभर में आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए रेलवे द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना की। सरकार ने मेक इन इंडिया पर जोर लेते हुए रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्टचर, ट्रेनों की स्पीड, रेल यात्रियों की सुविधाओं पर बल देन की बात की। रेलवे ट्रैक पर नए और आधुनिक कोचनजर आएंगे।

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सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेNEET-UG Counseling: नीट यूजी काउंसलिंग 19 जनवरी से शुरू होगी, देखिए पूरा शेड्यूल******Highlightsकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को नीट यूजी काउंसलिंग (NEET-UG counseling) को लेकर बड़ी जानकारी दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर ट्वीट कर कहा कि 'प्रिय छात्रों, MCC द्वारा NEET-UG के लिए काउंसलिंग 19 जनवरी से प्रारंभ की जा रही है। आप सभी देश का भविष्य हैं और आशा है की आप सभी सेवा ही धर्म के मंत्र के साथ अपने करियर को आगे नई दिशा देंगे। मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।'मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से ग्रेजुएशन मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा (AIQ) सीटों के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की जाएगी। आवेदक एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट (mcc.nic.in) पर इसकी डिटेल्‍स देख सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से च्वॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट से जुड़ी जानकारी साझा की गई है।NEET यूजी में राज्य कोटे के तहत कुल 192 मेडिकल कॉलेज 23,378 एमबीबीएस सीटों की पेशकश कर रहे हैं, वहीं 272 सरकारी कॉलेजों द्वारा दी जाने वाली एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 41,388 है। एमबीबीएस के लिए 83,075, बीडीएस के लिए 26,949, आयुष के लिए 52,720, बीवीएससी और एएच के लिए 603, एम्स के लिए 1,899 और जिपमर के लिए 249 है।सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेलेटेस्‍ट 5G मोबाइल स्‍मार्टफोन खरीदने का सुनहरा मौका, यहां मिल रहा है 1000 रुपये का कैशबैक******Get Cashback Worth Rs 1000 on the Latest 5G Mobiles भारतीय मोबाइल इंडस्‍ट्री में अब जल्‍द ही 5जी नेटवर्क की शुरुआत होने वाली है। अधिकांश बड़े ब्रांड 5जी सक्षम स्‍मार्टफोन की पेशकश कर रहे हैं। सभी के लिए इन मोबाइल फोन को किफायती बनाने के लिए बजाज फ‍िनसर्व ईएमआई स्‍टोर ने लेटेस्‍ट 5जी मोबाइल्‍स पर 1000 रुपये का कैशबैक वाउचर्स की पेशकश की है। इस ऑफर के तहत उपभोक्‍ता रियलमी एक्‍स7, एमआई 10आई, वनप्‍लस 8टी, एप्‍पल आईफोन 12, सैमसंग गैलेक्‍सी नोट 20 आदि जैसे खरीद सकते हैं। शानदार कैमरा, बड़ी स्‍टोरेज और सुपर-फास्‍ट प्रोसेसर के साथ आने वाले 5जी मोबाइल फोन 1467 रुपये की शुरुआती नो-कॉस्‍ट ईएमआई के साथ बजाज फि‍नसर्व ईएमआई स्‍टोर पर उपलबध हैं।इतना ही नहीं, उपभोक्‍ता ईएमआई स्‍टोर पर नो-कॉस्‍ट ईएमआई, जीरो डाउन पेमेंट और 3 से 24 महीने के बीच सुविधाजनक रिपेमेंट अवधि जैसे कई बेनेफ‍िट्स का भी फायदा उठा सकते हैं। उपभोक्‍ता 5जी मोबाइल के लिए ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं और बिना किसी अतिरिक्‍त लागत के इसे अपने घर पर हासिल कर सकते हैं। दिल्‍ली, मुंबई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्‍नई, थाणे, सूरत, अहमदाबाद जैसे शहरों में रहने वाले लोग ईएमआई स्‍टोर पर ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं।

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सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेNCRB Report: 2021 में महिलाओं के खिलाफ 15.3% बढ़ा क्राइम, सबसे ज्यादा अपराध वाले राज्यों की List जारी, डराने वाले हैं ये आंकड़े, यहां देखिए******Highlightsदेश में साल 2021 में 2020 के मुकाबले महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 15.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के 4,28,278 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 2020 में 3,71,503 मामले दर्ज हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की उच्चतम दर असम (168.3 फीसदी) में दर्ज की गई है, हालांकि बीते तीन सालों में यहां मामूली गिरावट भी देखने को मिली है। एनसीआरबी की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि प्रति एक लाख की आबादी पर महिलाओं के खिलाफ अपराध 2020 में 56.5 फीसदी से बढ़कर 2021 में 64.5 फीसदी हो गए हैं।इनमें अधिकतर मामले (31.8 फीसदी) पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के हैं। इसके बाद 20.8 फीसदी मामले महिलाओं की गरिमा को भंग करने इरादे से उनपर हमला करने के हैं, 17.6 फीसदी उनके अपहरण के और 7.4 फीसदी बलात्कार के हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले असम में सामने आए है। यानी 168.3 फीसदी। जबकि बीते तीन साल में इसमें गिरावट दिखी है। राज्य में बीते साल इस तरह के 29,000 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा मामले में टॉप पर रहने वाले राज्यों में ओडिशा, हरियाणा, तेलंगाना और राजस्थान शामिल हैं।राजस्थान में भी असम की ही तरह मामलों में मामूली कमी देखी गई है। जबकि बाकी के तीन राज्यों ओडिशा, हरियाणा और तेलंगाना में मामले बढ़े हैं। रिपोर्ट में वास्तविक दर्ज मामलों में उत्तर प्रदेश (56,083) पहले स्थान पर है। हालांकि उसकी दर 50.5 फीसदी से कम है। राजस्थान 2021 में बलात्कार की उच्चतम दर 16.4 फीसदी रही है और यह वास्तविक दर्ज 6,337 मामलों के साथ लिस्ट में टॉप पर है। हालांकि नागालैंड बीते तीन साल से महिलाओं के खिलाफ सबसे कम अपराध वाले राज्यों में बना हुआ है। यहां 2019 में 43, 2020 में 39 और 2021 में 54 मामले दर्ज हुए हैं। यहां 2021 में भी महिलाओं के खिलाफ सबसे कम अपराध दर 5.5 फीसदी दर्ज की गई है।एनसीआरबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले साल हर दिन दो नाबालिग लड़कियों से बलात्कार हुआ है। आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,892 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 2020 की तुलना में 40 फीसदी से अधिक की महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। साल 2020 में यह आंकड़ा 9,782 था। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले सभी 19 महानगरों की श्रेणी में कुल अपराधों का 32.20 फीसदी हैं।दिल्ली के बाद वित्तीय राजधानी मुंबई थी, जहां ऐसे 5,543 मामले और बेंगलुरु में 3,127 मामले आए थे। मुंबई और बेंगलुरु का 19 शहरों में हुए अपराध के कुल मामलों में क्रमश: 12.76 प्रतिशत और 7.2 प्रतिशत का योगदान है। बीस लाख से अधिक आबादी वाले अन्य महानगरीय शहरों की तुलना में 2021 में राष्ट्रीय राजधानी में अपहरण (3948), पतियों द्वारा क्रूरता (4674) और बालिकाओं से बलात्कार (833) से संबंधित श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। आंकड़ों से पता चलता है कि 2021 में दिल्ली में हर दिन औसतन दो लड़कियों से बलात्कार हुआ है।रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,982 मामले दर्ज किए गए, जबकि सभी 19 महानगरों में कुल अपराध के 43,414 मामले थे। राजधानी में 2021 में दहेज हत्या के 136 मामले दर्ज किए गए हैं, जो 19 महानगरों में होने वाली कुल मौतों का 36.26 फीसदी है। एनसीआरबी ने कहा कि बालिकाओं के मामले में 2021 में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत 1,357 मामले दर्ज किए गए। आंकड़ों के अनुसार, 2021 में बच्चियों से बलात्कार के 833 मामले दर्ज किए गए, जो महानगरों में सबसे अधिक हैं। देशभर में पिछले साल 19 महानगरों में से दिल्ली में अपहरण के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए।एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में हत्या के मामलों में मामूली कमी दर्ज की गई है। दिल्ली में 2021 में हत्या के 454 मामले जबकि 2020 में 461 और 2019 में 500 मामले आए थे। आंकड़ों के अनुसार, 2021 में राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज किए गए हत्या के ज्यादातर मामले विभिन्न विवादों का नतीजा थे, जिनमें संपत्ति और परिवार से जुड़े विवाद शामिल हैं। हत्या के 23 मामलों में प्रेम प्रसंग के कारण खूनखराबा हुआ और 12 हत्याएं अवैध संबंधों के कारण हुई हैं।इसके अनुसार, इनमें 87 हत्याओं के पीछे निजी दुश्मनी वजह थी, जबकि 10 हत्याएं निजी फायदे के कारण की गईं। राष्ट्रीय राजधानी में दहेज, जादू टोने, बाल/नर बलि और सांप्रदायिक, धार्मिक या जाति की वजहों से कोई हत्या नहीं हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में 2020 में अपहरण के सबसे अधिक 5,475 मामले सामने आए थे, जबकि पिछले साल 4,011 मामले सामने आए। आंकड़ों के मुताबिक, पुलिस 5,274 अपहृत लोगों को बचा पाई, जिनमें 3,689 महिलाएं शामिल हैं। अपहृत किए गए 17 लोग मृत पाए गए, जिनमें आठ महिलाएं भी शामिल हैं।महिलाओं के अपहरण के मामलों में 17.6 फीसदी और बलात्कार की घटनाओं में भी 2020 के मुकाबले 7.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसी तरह साल 2021 में बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा के 1 लाख 49 हजार 404 मामले दर्ज किए गए, जो कि 2020 के 1 लाख 28 हजार 531 मामलों के मुकाबले 16 फीसदी ज्यादा हैं । साल 2021 में प्रति लाख बच्चों की आबादी पर दर्ज अपराध का प्रतिशत 33.6 है, जो कि 2020 में 28.9 प्रतिशत था ।अलग अलग कारणों से देश के लोगों द्वारा की जा रही आत्महत्या की घटनाएं भी 2020 के मुकाबले 2021 में 6 फीसदी से ज्यादा बढ़ी हैं, एनसीआरबी की तरफ से आज जारी की गई रिपोर्ट यही कहानी बयां कर रही है। देश में 2020 में कुल 1 लाख 53 हजार 52 लोगों ने आत्महत्या की थी, जो कि 2021 में बढ़कर 1 लाख 64 हजार 33 हो गई है, जिसे आंकड़ो में 7.2 फीसदी की बढ़ोतरी माना जाएगा। साल 2021 में जिन 1 लाख 64 हजार 33 लोगों ने आत्महत्या की है, उनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 22,207, तमिलनाडु में 18,925, मध्यप्रदेश में 14,965, पश्चिम बंगाल में 13,500 और कर्नाटक में 13,056 आत्महत्या की घटनाएं सामने आईं हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में पूरे देश के मुकाबले सबसे कम आत्महत्या की घटना दर्ज हुई हैं, यूपी में पूरे देश की तुलना में 3.6 फीसदी आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली की आत्महत्या दर चौंकाने वाली है, यहां साल 2021 में 2840 लोगों ने आत्महत्या की है।एसीआरबी के ताजा आंकड़ों ने यूपी सरकार को बड़ी राहत दी है-

सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेRajat Sharma’s Blog | मोहाली हमला: पंजाब के सीएम केन्द्र के साथ मिल कर पाकिस्तान की साजिश नाकाम करें******पंजाब पुलिस ने सोमवार की रात रूस में निर्मित एक रॉकेट लॉन्चर बरामद किया। इस रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल कथित तौर पर मोहाली में स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग के हेडक्वॉर्टर पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड से हमला करने के लिए किया गया था। इस बीच पुलिस को एक CCTV फुटेज मिली है जिसमें RPG के लॉन्च होने से ठीक पहले 2 हमलावर एक गाड़ी में बैठे नजर आ रहे हैं।सूत्रों ने बताया कि खेतों में काम कर रही एक महिला मजदूर को यह रॉकेट लॉन्चर मिला था। यह घटनास्थल से एक किमी से भी कम दूरी पर स्थित ओल्ड सोहना रोड पर एक प्लॉट से बरामद हुआ। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस अफसरों को शक है कि इस हमले का मास्टरमाइंड हरविंदर सिंह रिंडा है, जो पाकिस्तान में रहता है। रिंडा पहले गैंगस्टर था और अब आतंकी वारदातों को अंजाम देता है। एक पुलिस अफसर ने कहा कि रिंडा ड्रग्स और हथियारों के तस्करों के अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है। ये तस्कर सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों लाने-ले जाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं। अब तक पंजाब में अलग-अलग जगहों से करीब 10 किलो RDX विस्फोटक बरामद किया गया है।पंजाब के पुलिस चीफ वी. के. भवरा ने कहा, ग्रेनेड हमले में TNT (ट्रिनिट्रोटोल्यूइन) विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘हमें कुछ अहम सुराग मिले हैं और हम जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे।’ इस बीच पुलिस ने अब तक 2 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें तरणतारन जिले की पट्टी तहसील का रहने वाला निशांत सिंह भी शामिल है, जो शादी के बाद इस समय अमृतसर में रह रहा है। उसे फरीदकोट पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।एक पुलिस अधिकारी ने हमले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ग्रेनेड को सड़क से फायर किया गया और यह ऑफिस बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर से टकराया, जिससे खिड़की के शीशों, कांच के दरवाजों, फर्नीचर और कंप्यूटर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि हमलावर सफेद रंग की कार से आए और सड़क के पार से रॉकेट लॉन्चर के जरिए ग्रेनेड को दागा, लेकिन उसमें ब्लास्ट नहीं हुआ। ग्रेनेड खिड़की के शीशे, फर्नीचर और कंप्यूटर से टकराया, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके तुरंत बाद हमलावर कार में सवार होकर एयरपोर्ट रोड की ओर भागे, और दप्पर टोल प्लाजा को पार कर हरियाणा के अंबाला पहुंच गए। पंजाब और हरियाणा पुलिस मिलकर हमलावरों को ढूंढ़ रही है। अंबाला में एक शख्स को हिरासत में लिया गया है।मोहाली ग्रेनेड हमला भविष्य में किसी बड़े आतंकी हमले का संकेत हो सकता है। हालांकि हमले में एक भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन इसमें रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल चिंता की बात है। रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड का इस्तेमाल पाकिस्तान की आर्मी करती है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने पाकिस्तान की आर्मी को RPG की सप्लाई की थी। जम्मू और कश्मीर में भी कुछ मामलों में आतंकवादियों द्वारा RPG के इस्तेमाल की बात सामने आई थी लेकिन राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा पंजाब में इसका इस्तेमाल पहली बार किया गया है।पंजाब पुलिस अभी तक 50 से भी ज्यादा CCTV कैमरों से फुटेज इकट्ठा कर चुकी है। उस इलाके से 3000 से ज्यादा मोबाइल फोन का डेटा खंगाला जा रहा है और इस हमले की पहेली को सुलझाने की कोशिश हो रही है।आमतौर पर रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल 300 से 800 मीटर की दूरी तक ग्रेनेड दागने के लिए किया जाता है, लेकिन मोहाली में इंटेलिजेंस यूनिट के हेडक्वार्टर पर इसे 80 मीटर की दूरी से ही फायर किया गया था। पंजाब पुलिस हमलावरों पर शिकंजा कसने के लिए मिलिट्री इंटेलिजेंस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी की मदद ले रही है। NIA ने आधिकारिक तौर पर इस मामले की जांच शुरू नहीं की है।पंजाब में पिछले साल अगस्त से लेकर अब तक 7 आतंकी हमले हुए हैं। पिछले साल दिसंबर में लुधियाना जिला सत्र अदालत के वॉशरूम में बम असेंबल करने की कोशिश कर रहे पंजाब पुलिस के बर्खास्त कांस्टेबल गगनदीप सिंह की मौत हो गई थी और 6 अन्य घायल हो गए थे।पिछले साल नवंबर में पठानकोट में सेना के एक कैंप के पास एक ग्रेनेड ब्लास्ट किया गया था और उसी महीने एसबीएस नगर के CIA के एक पुलिस स्टेशन में भी इसी तरह का ग्रेनेड हमला हुआ था। इस साल 9 मार्च को राज्य की विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रूपनगर में एक पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला किया गया था।पिछले साल सितंबर में फाजिल्का के जलालाबाद में मोटरबाइक ब्लास्ट हुआ था, जबकि फिरोजपुर में टिफिन बम मिला था। 23 अप्रैल को चंडीगढ़ में बुड़ैल जेल के बाहर टिफिन बम मिला, जिसमें करीब डेढ़ किलो RDX भरा हुआ था। 5 मई को हरियाणा पुलिस ने 4 खालिस्तानी आतंकियों को करनाल से गिरफ्तार किया था। ये आतंकी 4 किलो RDX लेकर कार से तेलंगाना जा रहे थे। उनके पास से 3 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), एक पिस्तौल, 31 कारतूस, 6 मोबाइल फोन और 1.3 लाख रुपये कैश बरामद किया गया था।करनाल में पकड़े गए आतंकियों ने खुलासा किया कि उन्हें ये हथियार फिरोजपुर में मिले थे जिन्हें पाकिस्तान में रहने वाले हरविंदर सिंह रिंडा ने बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए भेजा था। रिंडा ने एक ऐप का इस्तेमाल कर ये हथियार भेजे थे, जिसमें इसकी लोकेशन आदिलाबाद बताई गई थी। रविवार (8 मई) को तरणतारन में एक खंडहर में छिपाया गया 3.5 किलो RDX बरामद हुआ था।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि देश के दुश्मन हिंसा फैलाने और भाईचारा खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने हमले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। अगर मोहाली हमले के मामले की जांच एनआईए अपने हाथ में ले लेती है तो यह पंजाब की AAP सरकार के लिए काफी शर्मिंदगी की बात होगी। पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि संगठनों के स्लीपर सेल अब सक्रिय हो गए हैं और यह पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान समेत सिर्फ 12 देश ऐसे हैं, जहां ग्रेनेड फायर करने के लिए रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया जाता है।पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग का हेडक्वॉर्टर मोहाली के सेक्टर 77 में स्थित है, जिसे अभी विकसित किया जा रहा है। बिल्डिंग के आसपास खुला इलाका है, और वहां कुछ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसी चीज का फायदा उठाकर हमलावर फरार हो गए। हमलावर एक स्विफ्ट डिजायर कार में थे और वे हमले के बाद अंबाला की ओर भाग गए।आतंकवाद से जुड़ी घटनाएं इस ओर इशारा करती हैं कि राष्ट्र विरोधी ताकतें पंजाब में फिर से खलबली मचाने के लिए इकट्ठा हो रही हैं। पाकिस्तान के ISI हेडक्वॉर्टर में 'के2 डेस्क' के ऐक्टिव होने की खबरें हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि K2 डेस्क ने खालिस्तानी और कश्मीरी आतंकवादियों का ‘लश्कर-ए-खालसा’ नाम से एक संगठन बनाया है। इस संगठन में अफगान आतंकियों को भी शामिल किया गया है, क्योंकि उन्हें RPG चलाना आता है। इनका प्लान है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती की जाए। फेसबुक डेटा को खंगालने पर भारतीय खुफिया अधिकारियों को ‘अमर खालिस्तानी’ नाम की एक फर्जी आईडी मिली, जो असंतुष्ट युवाओं को अपनी तरफ खींचने के लिए 'Azad Kashmir and ' जैसे पेज चला रही थी।कांग्रेस और बीजेपी जैसे विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार सीमा पार से आतंकवाद की चुनौती का मुकाबला करने में असमर्थ है। कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि मोहाली हमले की जांच एनआईए से कराएं। बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को कानून व्यवस्था में सुधार पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को पूरा सपोर्ट करते हैं।इसमें तो कोई शक नहीं है कि सीमा पार के दुश्मन पंजाब को फिर से सुलगाने की कोशिश कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की सारी साजिशें नाकाम हो रही है, इसलिए अब उसने पंजाब में नया मोर्चा खोला है। चूंकि इंटरनेशनल बॉर्डर से घुसपैठ अब मुश्किल है, इसलिए ड्रोन की मदद से हथियार और ड्रग्स भेजने की कोशिश हो रही है।सोमवार की रात ही इंटरनेशनल बॉर्डर पर 10 किलोग्राम हेरोइन ड्रोन के जरिए भेजी गई। BSF ने इस ड्रोन को मार गिराया। पिछले कुछ वक्त में ड्रोन के जरिए 70 पिस्तौलें, एक सब मशीन गन, एक फॉल राइफल, एक AKM राइफल, एक 7.5 सेगा राइफल, एक PMG एमके राइफल और 98 मैगजीन पाकिस्तान की तरफ से पंजाब में गिराई गईं। इन सभी हथियारों को भारतीय सुरक्षा बलों ने जब्त कर लिया था।जो ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से भेजे जाते हैं, वे आमतौर पर 10 से 20 किलो तक का भार ले जाने में सक्षम होते हैं। जिस RPG से मोहाली में हमला हुआ, उसका वजन करीब 7 किलो होता है। इसीलिए एजेंसियों को लग रहा है कि इसे ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजा गया होगा। पाकिस्तान विदेशों में बैठे स्वयंभू खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ मिलकर एक बार फिर पंजाब में माहौल खराब करना चाहता है।हमें इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। हो सकता है पाकिस्तान को लगता हो कि पंजाब में एक ऐसी सरकार है जिसके पास प्रशासन का अनुभव नहीं है, एक ऐसा मुख्यमंत्री है जिसने कभी आतंकवाद के मामलों से डील नहीं किया। पाकिस्तान इस मौके का फायदा उठाने की फिराक में है।वक्त की मांग यह है कि मुख्यमंत्री को केंद्रीय एजेंसियों के साथ करीबी तालमेल बिठाना चाहिए और पाकिस्तान में रची जा रही शैतानी साजिश को नाकाम करना चाहिए। यह मामला पंजाब के लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है। पंजाब में हर कीमत पर शांति बनी रहनी चाहिए।सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेBHU UET Entrance Exam 2020 Results: नतीजे हुए घोषित, इन स्टेप्स से करें चेक****** बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने सभी लंबित और विशेष पाठ्यक्रमों के लिए 5 अक्टूबर 2020 को लगभग 8 बजे स्नातक स्तर की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है।परिणाम BHU की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए गए थे। सभी उम्मीदवार अपना रिजल्ट bhuonline.in पर चेक कर सकते हैं।इस वर्ष, यूईटी परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई थी, पहला चरण अगस्त के अंतिम सप्ताह में था, जबकि दूसरा चरण सितंबर 10 से 18 सितंबर तक था।

सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेश्रीलंका के राष्ट्रपति अंतरिम सरकार के गठन के लिये तैयार: बौद्ध भिक्षु का दावा******श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने अभूतपूर्व आर्थिक संकट के समाधान के लिये अंतरिम सरकार के गठन पर सहमति जतायी है। एक वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु ने यह दावा किया है। सरकार के पास महत्वपूर्ण सामान के आयात के लिये पैसा खत्म होने, जरूरी सामान के दामों के आसमान छूने और ईंधन, दवाएं व बिजली आपूर्ति की भारी किल्लत के खिलाफ नौ अप्रैल से श्रीलंका में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।राजपक्षे ने रविवार को शक्तिशाली बौद्ध भिक्षुओं को लिखे पत्र में अंतरिम सरकार बनाने की मंशा जाहिर की। मेडागोडा धम्मानंद पीठ के एक मुख्य रजिस्ट्रार ने कहा कि 4 अप्रैल को चार बौद्ध पीठों के मुख्य भिक्षुओं की ओर से लिखे गए एक पत्र का जवाब देते हुए राजपक्षे ने यह मंशा जाहिर की है। भिक्षुओं ने अपने पत्र में राजपक्षे से कैबिनेट भंग कर एक अंतरिम सरकार बनाने के लिये कहा था।डेली मिरर अखबार की खबर के अनुसार कुछ दिन पहले बौद्ध भिक्षुओं की देखरेख और विनियमन करने वाले उच्च पदस्थ बौद्ध भिक्षुओं ने राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, विपक्ष के नेता और सभी सांसदों से देश को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया था। हालांकि इस बारे में राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इनपुट-भाषासावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेUP RERA ने 13 बिल्डरों पर लगाया करोड़ों का जुर्माना, आदेश नहीं मानने पर की गई कार्रवाई******उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने शुक्रवार को कहा कि उसने एक दर्जन से अधिक रियल एस्टेट प्रवर्तकों पर 1.39 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना उप्र रेरा का आदेश नहीं मानने के चलते लगाया गया है। उप्र रेरा की 1.4वीं बैठक में राजीव कुमार की अध्यक्षता में जुर्माना लगाने का फैसला किया गया। बैठक का आयोजन प्रवर्तकों द्वारा आदेशों का पालन किए जाने के संबंध में समीक्षा के लिए किया गया था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार उप्र रेरा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुछ प्रवर्तकों ने पर्याप्त समय देने के बावजूद उसके आदेशों का पालन नहीं किया है। बयान में कहा गया, ''प्राधिकरण अपने आदेशों को लागू करने और पीड़ित आवंटियों को तेजी से न्याय मुहैया कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। दोषी प्रवर्तकों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई, उन्हें प्राधिकरण के आदेशों का पालन करने के लिए मजबूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'' जुर्माने का सामना करने वाले रियल एस्टेट प्रवर्तकों में एसआरबी प्रमोटर, गार्डेनिया इंडिया, एआईएमएस गोल्फ टाउन डेवलपर्स, एमवी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड हाउसिंग और एलिगेंट इंफ्राकॉन शामिल हैं।क्रमकंपनी का नामजुर्माने की राशि (लाख रुपये में)1एस.आर.बी. प्रोमोटर्स प्रा.लि.22,54,070.002गार्डेनिया इंडिया प्रोमोटर्स प्रा.लि.30,90,110.003एम्स गोल्फ टाउन डेवलपर्स प्रा.लि.6,50,760.004एम.वी. इंफ्रास्ट्रक्चर्स एण्ड हाउसिंग प्रा.लि.10,40,820.005एलीगेण्ट इन्फ्राकॉन प्रा.लि.7,90,400.006रेडीकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एण्ड हाउसिंग प्रा.लि.7,95,885.007डीसेन्ट बिल्डवेल प्रा.लि.6,82,260.008उत्तम स्टील्स एण्ड एसोसिएट्स (कंसोर्टियम)1,99,430.009जे.एस.एस. बिल्डकॉन प्रा.लि.8,43,920.001.अर्थकॉन कन्स्ट्रक्शन प्रा.लि.6,25,405.0011ओप्यूलेट इंफ्राडेवलपर्स प्रा.लि.6,89,150.0012औरा बिल्डवेल प्रा.लि.11,38,470.0013ग्रीन बे इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्रा.लि.11,46,420.00उत्तर प्रदेश रेरा ने सम्बंधित कंपनियों को अपने आदेशों की अनुपालन रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर प्रस्तुत करने तथा जुर्माने की धनराशि एक माह के अंदर जमा करने का निर्देश दिया है। ऐसा न कर पाने की स्थिति में जुर्माने की धनराशि को भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार द्वारा कहा गया कि उत्तर प्रदेश रेरा घर खरीदारों के हितों के प्रति असंवेदनशील प्रमोटर्स के विरुद्ध लगातार कड़े फैसले ले रहा है। रेरा प्राधिकरण घर खरीदारों के हितों के संरक्षण हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और रेरा अधिनियम के अनुसार प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को विनियमित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।

सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेUP Demolition Case: सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से मांगा जवाब, कहा- सबकुछ निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए******Highlightsउत्तर प्रदेश में चल रहे योगी सरकार के बुल्डोजर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्टने नोटिस भेजा है। न्यायलय ने उत्तर प्रदेश सरकार और उसके अधिकारियों को तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। बता दें कि पिछले हफ्ते राज्य में हुई हिंसा के आरोपियों के घरों को अवैध रूप से गिराए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार, कानपुर और प्रयागराज के नागरिक अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में याचिका पेश की गई थी। यह याचिका जमीयत उलमा-ए-हिंद ने लगाई थी। मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि ''सबकुछ निष्पक्ष होना चाहिये'' और अधिकारियों को कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। हांलाकि अदालत ने विध्वंस रोकने का आदेश नहीं दिया है। न्यायधिशों ने कहा है कि हम विध्वंस नहीं रोक सकते हम बस यह कह सकते हैं कि कार्रवाई कानून के अनुसार होनी चाहिए यह प्रतिशोध की भावना से नहीं की जानी चाहिए। अब अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और कानपुर और प्रयागराज नगर अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किया गया है और एक मामले में तो अगस्त 2020 में विध्वंस का नोटिस दिया गया था। मेहता ने कहा कि कोई भी पीड़ित पक्ष अदालत के समक्ष पेश नहीं हुआ है, बल्कि एक मुस्लिम निकाय जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अदालत का रुख करके यह आदेश देने की अपील की है कि विध्वंस नहीं होना चाहिए।जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं सी.यू सिंह, हुजेफा अहमदी और नित्य राम कृष्णन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सीएम समेत उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों की तरफ से बयान जारी किये जा रहे हैं। कथित दंगा आरोपियों को घर खाली करने का मौका दिए बिना ही विध्वंस की कार्रवाई की जा रही है। शीर्ष अदालत जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार को यह निर्देश देने की अपील की गई है कि राज्य में हाल में हुई हिंसा के कथित आरोपियों की संपत्तियों को न ढहाया जाए।सावधानWhatsappपरपुलिसअफसरकेफेकअकाउंटसेहोरहीठगीपैसेमांगनेकीघटनाआईसामनेPM Modi ने लॉन्च किया 'जन समर्थ पोर्टल', पढ़ाई से लेकर कारोबार शुरू करने के लिए झट से लें लोन******jansamarthप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को 'जन समर्थ पोर्टल' लॉन्च किया। इस पोर्टल के जरिये आप पढ़ाई से लेकर कारोबार शुरू करने के लिए आसानी से लोन ले सकते हैं। पोर्टल पर पात्रता जांचने की सुविधा है। अगर आप पात्र होंगे तो आसानी से लोन ले पाएंगे। दी गई जानकारी के अनुसार, जन समर्थ पोर्टल 13 क्रेडिट-लिंक्ड सरकारी योजनाओं को शामिल किया गया है। यह सरकारी ऋण योजनाओं को जोड़ने वाला एक वन-स्टॉप डिजिटल पोर्टल है। यह अपनी तरह का पहला मंच है, जो लाभार्थियों को सीधे ऋणदाताओं से जोड़ता है।'जन समर्थ पोर्टल' के जरिये आप एजुकेशन, एग्री इंफ्रा, बिजनेस और आजीविका से जुड़े हुए काम के लिए लोन ले सकते हैं। आप पोर्टल पर जाकर बहुत ही कम जानकारी में लोन की पात्रता को जांच सकते हैं। अगर आप पात्र होंगे तो आसानी से लोन मिल जाएगा। माना जा रहा है कि देश के अंतिम छोर तक के नागरिकों को बैंकिंग सेवा से जोड़ने के लिए इस पोर्टल को लॉन्च किया गया है।केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लेन-देन के लिए एक कॉमन पोर्टल 'जन समर्थ' शुरू किया गया है। जन समर्थ के जरिए लोन लेने के इक्षुक ग्राहक सीधे ऋणदाता से जुड़ सकेंगे। यह सरकारी क्रेडिट योजनाओं को जोड़ने वाला वन-स्टॉप डिजिटल पोर्टल है। 13 क्रेडिट लिंक्ड सरकारी योजनाओं को इस पोर्टल पर जोड़ा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोर्टल युवाओं, मध्यम वर्ग के लिए एंड-टू-एंड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा।

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2022-10-02 01:33
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उत्तर प्रदेश में बीजेपी की पहली लिस्ट से समाजवादी पार्टी को लगेगा झटका? जानें OBCs को कितने टिकट******Highlightsसमाजवादी पार्टी की ओर से पिछड़ा विरोधी होने के लगाए जा रहे आरोपों की धार को कुंद करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को ‘मंडल’ राजनीति का एक अलग खाका पेश करते हुए 107 उम्मीदवारों की पहली सूची में सर्वाधिक प्रतिनिधित्व पिछड़ों को प्रदान किया। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विरोधी दलों के गठबंधन की काट के लिए जाट नेताओं पर भरपूर भरोसा जताया गया। सपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन किया है। केंद्रीय मंत्री व बीजेपी के उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने बीजेपी के 107 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की।सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने 16 जाट सहित 44 अन्य पिछड़ा वर्ग () के उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। पार्टी ने अगड़ी जाति के 43 और अनुसूचित जाति के 19 नेताओं को भी टिकट दिया है। उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के दौरान प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी ने एक सामान्य सीट से भी दलित को अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी द्वारा मुख्यमंत्री को अयोध्या से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी लेकिन पार्टी ने उन्हें गोरखपुर से चुनाव मैदान में उतार दिया। पार्टी के इस फैसले को आगामी चुनाव को ‘मंडल बनाम कमंडल’ बनाने की विरोधी दलों की कोशिशों से बीजेपी की सावधानी बरतने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा जितने भी बीजेपी के नेता पिछले दिनों पार्टी छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं, लगभग सभी ने सत्ताधारी दल को पिछड़ा व दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है। बड़ी संख्या में बीजेपी विधायकों के पार्टी छोड़ने और समाजवादी पार्टी में शामिल होने के सवाल पर प्रधान ने कहा कि उनकी पार्टी बड़ी है और लोग आते-जाते रहते हैं लेकिन में मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता, केंद्र व राज्य सरकार का प्रदर्शन और उनके द्वारा गरीबों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं हैं।यह पूछे जाने पर कि पार्टी ने किस जाति के कितने नेताओं को टिकट दिया है, इसके जवाब में प्रधान ने कहा कि यदि आप सूची पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि यह सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 5 वर्षों में योगी आदित्यनाथ ने राज्य को कल्याणकारी, सर्वस्पर्शी और संवेदनशील सरकार दी है, उन्होंने राज्य को भ्रष्टाचार और दंगामुक्त किया है। उन्होंने चुनावों में बीजेपी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने और 300 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया। पहले दो चरणों में जिन इलाकों में मतदान होना है, वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट बाहुल्य वाला इलाका है।केंद्र सरकार के 3 विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ साल भर से अधिक समय तक चले आंदोलन में इस क्षेत्र के जाटों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी ने जाट समुदाय के 16 किसानों को भी टिकट दिया है। ऐसा करके पार्टी ने भरोसा जताया है कि उसे जाटों का वोट मिलेगा। बीजेपी द्वारा बड़ी संख्या में जाटों को टिकट दिए जाने के पीछे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा और RLD गठबंधन द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिमों को उम्मीदवार बनाया जाना माना जा रहा है। बीजेपी ने अपनी पहली सूची में एक भी मुसलमान को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है।बीजेपी की पहली सूची में गुर्जर समुदाय से 7, लोध समाज से 6 और सैनी समाज से 5 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। पार्टी ने अन्य पिछड़े वर्ग के अन्य नेताओं को भी टिकट दिया है। बीजेपी की पहली सूची में 19 दलितों को टिकट दिया है और इनमें से 13 जाटव हैं। राज्य की पूरी दलित आबादी में आधी आबादी जाटवों की है, जो लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी को एक बड़ा वोट बैंक रहा है। इतनी संख्या में जाटवों को बीजेपी द्वारा टिकट दिए जाने को बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की उसकी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।ज्ञात हो कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कभी बसपा बड़ी संख्या में सीटें जीतती थी। पार्टी ने जिन 43 सीटों पर सामान्य जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया है, बीजेपी सूत्रों के मुताबिक उनमें 18 राजपूत, 10 ब्राह्मण और 8 वैश्य समुदाय से हैं। उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में मतदान होना है। इसकी शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी। दूसरे चरण में 14 फरवरी को राज्य की 55 सीटों पर मतदान होगा।उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीसरे चरण में 59 सीटों पर, 23 फरवरी को चौथे चरण में 60 सीटों पर, 27 फरवरी को पांचवें चरण में 60 सीटों पर, 3 मार्च को छठे चरण में 57 सीटों पर और 7 मार्च को सातवें चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा। गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अकेले 312 और उसके सहयोगियों को 13 सीटों पर जीत मिली थी। सत्ता गंवाकर प्रमुख विपक्षी दल बनी समाजवादी पार्टी सिर्फ 47 सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी।
2022-10-02 01:18
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HAL Recruitment 2019: ITI पास उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर, 31 अगस्त से पहले करें आवेदन****** हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड () ने फिटर, टर्नर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन और अन्य ट्रेडों के लिए अप्रेंटिसशिप अधिनियम, 1961 के अंतर्गत टीटीआई एचएएल-टीएडी कानपुर में एक वर्षीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के लिए ITI उत्तीर्ण (NCVT/SCVT) पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। पात्र उम्मीदवार 31 अगस्त 2019 तक या उससे पहले निर्धारित प्रारूप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 16 अगस्त 2019 से 31 अगस्त 2019 उम्मीदवार की 16 अगस्त 2019 को न्यूनतम आयु 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए। उम्मीदवार के पास निर्धारित तकनीती/गैर तकनीकी ट्रेड में क्राफ्ट्समैन प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत आईटीआई (NCVT/SCVT) प्रमाणपत्र होना चाहिए। साथ ही पदों की शैक्षणिक योग्यता के विवरण के लिए अधिसूचना लिंक की जांच करें।
2022-10-01 23:08
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कश्मीर की हसीन वादियां फिर बना बॉलीवुड की पहली पसंद, इमरान हाशमी-विक्की कौशल भी शूटिंग में व्यस्त******कश्मीर और बॉलीवुड का रिश्ता बहुत पुराना है, 1989 में कश्मीर में हिंसा शुरू होने से पहले 1980 के दशक तक बॉलीवुड फिल्म उद्योग के लिए कश्मीर पसंदीदा स्थान हुआ करता था, लेकिन अब 32 साल बाद बॉलीवुड एक बार फिर कश्मीर का रुख कर रहा है। जम्मू कश्मीर सरकार को घाटी में शूटिंग की अनुमति देने के लिए देश भर के फिल्म निरमात्माओं से 500 से अधिक ऍप्लिकेशन्स प्राप्त हुए हैं।इस वर्ष कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल गुलमर्ग, पहलगाम और डल झील में 150 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हुई हैं ,बॉलीवुड फिल्मों के अलावा टीवी सीरियल वेब फिल्म वीडियो एल्बम और कमरशिल एड की शूटिंग भी दर्शायी गई हैं। 32 साल बाद बॉलीवुड की इस वापसी से पर्यटन विभाग से जुड़े लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई है।इमरान हाशमी और बॉलीवुड स्टार विक्की कौशल भी इन दिनों कश्मीर में अपनी नई फिल्म की शूटिंग में बिजी दिख रहे हैं। इमरान हासमी की नई फिल्म 'ग्राउंड जीरो' जिस में वो एक आर्मी अफसर का रोल अदा कर रहे हैं, पिछले 15 दिनों से कश्मीर के विभिन लोकेशंस पर शूट करते दिखाई दे रहे हैं। जबकी विकी कौशल सम बहादुर फिल्म की शूटिंग के लिए पहलगाम की हसीन वादियों में खूबसूरत लोकेशंस की तलाश कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इन दोनों फिल्मों की कहानी में यहां की ख़ूबसूरती फिल्म में एक नई जान डाल रहे हैं।इंडिया टीवी से बात करते हुए पर्यटन सचिव सरमद हफीज ने कहा इस वर्ष कफी संख्या में न सिर्फ बॉलीवुड कश्मीर का रुख कर रहा है बल्कि साउथ इंडियन फिल्मों की शूटिंग भी कश्मीर मे हो रही है। इन फिल्म यूनिट्स के आने से कश्मीर के लोगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा होगा।सरमद हफ़ीज़ ने ये भी कहा नई फिल्म नीति के ताहत, जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनुमति प्राणाली को लोक सेवा गारंटी अधिनियम (पीएसजी) के तहत रखा है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन को 30 दिनों के निर्धारित समय के भीतर फिल्म निर्मातों को अनुमति देनी होगी। निर्मातों के लिए इसे आसान बनाने के लिए सिंगल विंदो सिस्टम भी लगाया गया है। फिल्म निर्माता अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।कश्मीर के 70-80 दशक की बात करें तो कोई ऐसी फिल्म नहीं बनी होगी जिसे कुछ हिस्से या कोई गाना कश्मीर में न फिल्माया गया हो। अब उम्मीद की जा रही है कि बॉलीवुड की इस वापसी और कश्मीर में पहला मल्टीप्लेक्स सिनेमा के शुरू होने से न सिर्फ पर्यटन को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहाँ की आर्थिक व्यवस्था में भी सुधार होगा।
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